आज का चौघड़िया

दिन-रात का चौघड़िया मुहूर्त

New Delhi, Delhi, Indiaबुधवार, 4 नवंबर 2026
⏰

वर्तमान चौघड़िया

रोग
12:04:29 PM – 01:26:50 PM(अमंगल)

दिन का चौघड़िया

#नामप्रकारशुरूसमाप्त
1लाभशुभ06:35:05 AM07:57:26 AM
2अमृतशुभ07:57:26 AM09:19:47 AM
3कालअमंगल09:19:47 AM10:42:08 AM
4शुभशुभ10:42:08 AM12:04:29 PM
5रोगअभीअमंगल12:04:29 PM01:26:50 PM
6उद्वेगअशुभ01:26:50 PM02:49:11 PM
7चरसामान्य02:49:11 PM04:11:32 PM
8लाभशुभ04:11:32 PM05:33:53 PM

रात का चौघड़िया

#नामप्रकारशुरूसमाप्त
1उद्वेगअशुभ05:33:53 PM07:11:37 PM
2शुभशुभ07:11:37 PM08:49:22 PM
3अमृतशुभ08:49:22 PM10:27:07 PM
4चरसामान्य10:27:07 PM12:04:51 AM
5रोगअमंगल12:04:51 AM01:42:36 AM
6कालअमंगल01:42:36 AM03:20:21 AM
7लाभशुभ03:20:21 AM04:58:05 AM
8उद्वेगअशुभ04:58:05 AM06:35:50 AM
संकेत:शुभसामान्यअशुभअमंगल
☀️

सूर्योदय

01:05 am
🌅

सूर्यास्त

12:03 pm
🌕

चंद्रोदय

08:14 pm
🌑

चंद्रास्त

09:03 am

आज और आगामी त्योहार

आने वाले त्योहारों और व्रतों की तैयारी पहले से करें — तिथि, पक्ष और तारीख के साथ।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर तय किया जाने वाला शुभ-अशुभ समय-विभाजन है, जिसकी मदद से आप अपने किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत शुभ समय में कर सकते हैं। सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को दिन का चौघड़िया कहा जाता है, जबकि सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय तक का समय रात का चौघड़िया कहलाता है।

चौघड़िया के अनुसार दिन और रात को 8-8 भागों में बांटा जाता है। हर भाग का अपना अलग प्रभाव व महत्व माना जाता है। इनमें अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया को अच्छा माना जाता है, जबकि रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया में बड़े काम करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि आज का चौघड़िया देखकर यात्रा शुरू करना, नए काम की शुरुआत करना, घर पर पूजा-पाठ करना, व्यापार लेन-देन या कोई भी महत्वपूर्ण फैसले लेना अधिक शुभ माना जाता है।

चौघड़िया की गणना कैसे की जाती है?

चौघड़िया की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर आधारित होती है। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार, 'चौघड़िया' शब्द 'चौ' (चार) और 'घड़ी' (24 मिनट) से मिलकर बना है। इसका अर्थ है 4 घड़ी यानी 96 मिनट (1 घंटा 36 मिनट) की एक समय अवधि।

चौघिड़या में दिन का चौघड़िया सूर्योदय से सूर्यास्त की समय अवधि को 8 बराबर हिस्से में बाट कर निकला जाता है। उसी तरह रात का चौघड़िया सूर्यास्त से अगले दिन के सूर्योदय समय को 8 भागो में बाट कर निकला जाता है। 

दिन -रात के चौघड़िया में पहला मुहूर्त क्या होगा, इसकी गणना उस दिन के स्वामी गृह से होती है:

  • रविवार: पहला चौघड़िया उद्वेग (सूर्य) से शुरू होता है।
  • सोमवार: पहला चौघड़िया अमृत (चंद्रमा) से शुरू होता है।
  • मंगलवार: पहला चौघड़िया रोग (मंगल) से शुरू होता है।
  • बुधवार: पहला चौघड़िया लाभ (बुध) से शुरू होता है।
  • गुरुवार: पहला चौघड़िया शुभ (गुरु) से शुरू होता है।
  • शुक्रवार: पहला चौघड़िया चर (शुक्र) से शुरू होता है।
  • शनिवार: पहला चौघड़िया काल (शनि) से शुरू होता है।

इसके बाद दिन के शेष 7 चौघड़िए एक निश्चित ग्रहों के क्रम चक्र में आगे बढ़ते हैं।

चौघड़िया के 7 मुहूर्त 

1. उद्वेग

उद्वेग चौघड़िया का संबंध सूर्य ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस समय में सरकारी काम, प्रशासनिक कार्य या बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान किए गए कामों में तनाव, देरी या मानसिक परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए यदि जरूरी न हो तो इस समय शुभ काम करने की मनाही होती है।

2. लाभ

लाभ चौघड़िया बुध ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यह समय व्यापार, लेन-देन, पढ़ाई और नई योजनाएँ बनाने के लिए अच्छा माना गया है। अगर किसी जरूरी काम में लाभ या सफलता चाहते हैं, तो इस चौघड़िया में काम की शुरुआत करना शुभ माना जाता है। कई लोग निवेश और बिजनेस मीटिंग के लिए भी इसी समय को बेहतर मानते हैं।

3. चर

चर चौघड़िया के स्वामी शुक्र ग्रह माने जाते हैं। यह समय यात्रा शुरू करने, घूमने-फिरने, फैशन, सजावट और प्रेम से जुड़े कामों के लिए अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इस समय शुरू की गई यात्रा में बाधाएं कम आती हैं और काम आसानी से पूरे होते हैं।

4. रोग

रोग चौघड़िया मंगल ग्रह से प्रभावित माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय में लंबी यात्रा, बड़े फैसले या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान जल्दबाजी या लापरवाही नुकसान दे सकती है। इसलिए लोग इस चौघड़िया में शुभ कार्य टालने की कोशिश करते हैं।

5. शुभ

शुभ चौघड़िया का संबंध गुरु ग्रह यानी बृहस्पति से माना गया है। यह समय विवाह, पूजा-पाठ, हवन, धार्मिक आयोजन और नए शुभ काम शुरू करने के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है।

6. काल

काल चौघड़िया पर शनि ग्रह का प्रभाव माना जाता है। ज्योतिष में इस समय को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना गया है। खासकर यात्रा, निवेश, नया व्यापार शुरू करने या कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि इस समय शुरू किए गए कामों में रुकावटें आ सकती हैं।

7. अमृत

अमृत चौघड़िया को सबसे अच्छा और शुभ समय माना जाता है। इस पर चंद्रमा का प्रभाव माना गया है। पूजा-पाठ, नई शुरुआत, दवा खरीदना, विशेष भोजन बनाना, धार्मिक पाठ शुरू करना या कोई महत्वपूर्ण काम करना इस समय शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार अमृत चौघड़िया में किए गए कामों में सफलता मिलने की संभावना बहुत अधिक होती है।

आज के दिन की अन्य जानकारी जैसे आज की तिथि, आज का वार, नक्षत्र , आज का होरा  और आज के करण जानने के लिए आज का पंचांग देखे। 

चौघड़िया का क्या उपयोग है?

  • यदि किसी कार्य के लिए शुभ मुहूर्त न निकल पा रहा हो या काम जल्दी शुरू करना हो, तो ऐसी स्थिति में चौघड़िया देखकर समय तय किया जा सकता है।
  • अचानक या जरूरी यात्रा करनी हो, तो यात्रा के लिए भी चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है।
  • इसके अलावा, पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए भी चौघड़िया का उपयोग किया जाता है।
  • दक्षिण भारत में चौघड़िया को गोवरी पंचांग के नाम से जाना जाता है। नया कारोबार शुरू करने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी चौघड़िया मुहूर्त देखा जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q: एक दिन में कितने चौघड़िया होते हैं?

A: एक दिन और एक रात मिलाकर कुल 16 चौघड़िया होते हैं, जिनमें दिन के 8 और रात के 8 चौघड़िया शामिल होते हैं।

Q: कौन सा चौघड़िया शुभ होता है?

A: हिंदू पंचांग में अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया को सबसे अधिक शुभ माना जाता है।

Q: सबसे उत्तम मुहूर्त कौन सा है?

A: हिंदू पंचांग में ब्रह्म मुहूर्त को सभी दैनिक कार्यों, पूजा-पाठ और योग के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।