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चतुर्थी तिथियां 2026 (Chaturthi Kab Ki Hai?)

हिंदू पंचांग में, चंद्र मास की चौथी तिथि को चतुर्थी कहा जाता है। चतुर्थी तिथि का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व है। यह तिथि हर माह दो बार, कृष्ण पक्ष व शुक्ल पक्ष में आती है।  चतुर्थी तिथि का निर्माण शुक्ल पक्ष में तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा का अंतर 37 डिग्री से 48 डिग्री अंश तक होता है। वहीं कृष्ण पक्ष  सूर्य और चंद्रमा का अंतर 117 से 228 डिग्री अंश तक होता है। चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है इसलिए इस तिथि को विघ्नों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने वाली तिथि कही जाती है। इस तिथि के स्वामी भी भगवान गणेश माने गए हैं। 

चतुर्थी तिथि कब-कब है? - Chaturthi Tithi 2026

तिथि

वार

पक्ष

06 जनवरी 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी (संकष्टी चतुर्थी)

22 जनवरी 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

05 फरवरी 2026

गुरुवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

20 फरवरी 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

06 मार्च 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

21 मार्च 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

05 अप्रैल 2026

रविवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

20 अप्रैल 2026

सोमवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

05 मई 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

19 मई 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

03 जून 2026

बुधवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

17 जून 2026

बुधवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

03 जुलाई 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

17 जुलाई 2026

शुक्रवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

01 अगस्त 2026

शनिवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

15 अगस्त 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

31 अगस्त 2026

सोमवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

14 सितंबर 2026

सोमवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी (गणेश चतुर्थी)

29 सितंबर 2026

मंगलवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

13 अक्टूबर 2026

मंगलवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

29 अक्टूबर 2026

गुरुवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी (करवा चौथ))

12 नवंबर 2026

गुरुवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

27 नवंबर 2026

शुक्रवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

12 दिसंबर 2026

शनिवार

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

26 दिसंबर 2026

शनिवार

कृष्ण पक्ष चतुर्थी

चतुर्थी तिथि का महत्व

हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि विघ्नहर्ता श्री गणेश को अति प्रिय है। इस दिन को उनकी कृपा प्राप्त करने वाली तिथि माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गणेश जी की पूजा करने से बुद्धि, विवेक, धन, सफलता और शुभ फल की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार शिव एवं पार्वती पुत्र गणेश का जन्म भी इस तिथि पर हुआ था इसलिए इस तिथि में गणेश भगवान की पूजा अर्चना करना अत्यंत शुभ माना जाता है। चतुर्थी तिथि को रिक्ता तिथि भी कहा जाता है इसलिए कुछ विशेष शुभ कार्यों के लिए इसे उपयुक्त नहीं माना जाता, लेकिन भगवान गणेश की आराधना, व्रत, जप और पूजा के लिए यह अत्यंत फलदायी मानी गई है।

चतुर्थी तिथि पर क्या करे क्या न करे 

क्या करें

  • इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें।
  • श्रद्धानुसार गणेश चतुर्थी का व्रत रखें और ‘ऊँ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें।
  • दिनभर सात्विक आहार ग्रहण करें या व्रत (फलाहार) रखें।

क्या न करें

  • भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी यानी गणेश चतुर्थी पर चंद्रमा के दर्शन करने से बचें, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे मिथ्या कलंक लग सकता है।
  • व्रत रखने वाले लोग मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करें।
  • किसी से झगड़ा न करें और कटु वाणी बोलने से बचें।
  • भगवान गणेश को अर्पित दूर्वा, फूल और अन्य पूजा सामग्री का अनादर न करें।

चतुर्थी तिथि के प्रमुख व्रत और पर्व

1. विनायक चतुर्थी: प्रत्येक माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहा जाता है। यह दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से कार्यों में सफलता मिलती है तथा जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

2. संकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। उत्तर भारत में इसे सकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत रखने से संकटों का नाश होता है तथा परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

3. अंगारकी चतुर्थी: जब किसी भी पक्ष की चतुर्थी मंगलवार के दिन पड़ती है, तब उसे अंगारकी चतुर्थी कहा जाता है। अंगारकी चतुर्थी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत पूरे वर्ष की चतुर्थी व्रतों के समान फल प्रदान करता है।

4. गणेश चतुर्थी: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इसी दिन से दस दिवसीय गणेशोत्सव की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान गणेश का प्राकट्य हुआ था। पूरे भारत में विशेष रूप से महाराष्ट्र में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।

अन्य हिन्दू पर्वों के बारे में पढ़ें 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिंदू पंचांग की चौथी तिथि को चतुर्थी कहते हैं।

हिंदू धर्म में हर महीने में दो चतुर्थी तिथि आती है।

हिंदू पंचांग में चंद्रमा के बढ़ते या घटते चरण का 14वां दिन तिथि है।

हिंदू पंचांग में चंद्र पखवाड़े का चौथा दिन होता है। चतुर्थी हिंदू देवता गणेश की पूजा से संबंधित है।

हिंदू धर्म में भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और विद्या के देवता माना जाता है।